[पंजीकरण] मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना मध्यप्रदेश 2020

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना मध्यप्रदेश 2020 (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana MP in Hindi) (ई उपार्जन किसान पंजीयन, पात्रता, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पंजीकरण डाउनलोड, पंजीयन लिस्ट, पोर्टल, नियम) (Crop List, Portal, Registration Form Online, Rate, Portal @mpeuparjan.nic.in, FAQ)

आप सभी जानते होंगे कि प्राकृतिक आपदा कभी भी और किसी भी तरह से आ सकती हैं, जिससे किसानों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है. किसानों के लिए उनकी फसल ही उनकी रोजी रोटी होती हैं. ऐसे में यदि उनकी फसलों पर ही संकट आ जाये, तो वे आत्महत्या करने पर उतारू हो जाते हैं. किसानों को ऐसा करने से रोकने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक योजना की शुरुआत की है जिसका नाम है ‘मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना’. इस योजना के तहत राज्य के सभी किसानों को उनकी फसल के नुकसान होने पर उनकी वित्तीय रूप से मदद प्रदान की जाती हैं, ताकि उनकी फसलों के नुकसान की स्थिति में उनकी भरपाई हो सके. इस योजना का लाभ किसान कैसे प्राप्त कर सकते हैं एवं इसकी विशेषता जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें.

योजना का नाम

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना

राज्य

मध्यप्रदेश

लांच की तारीख

साल 2017

लांच की गई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा

लाभार्थी

राज्य के किसान

न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण

मध्यप्रदेश कृषि उत्पाद लागत और विपरण आयोग द्वारा

संबंधित विभाग

मध्यप्रदेश कृषि विभाग

अधिकारिक पोर्टल

mpeuparjan.nic.in

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना की विशेषताएं (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Features)

  • योजना का उद्देश्य :- इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसल के नुकसान होने पर उनकी वित्तीय रूप से मदद करना है, साथ ही किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्या की दर में कमी लाना है.
  • न्यूनतम बिक्री कीमत :- इस योजना के तहत जिस मूल्य में किसान अपनी फसलों को मंडियों में बेचते हैं वह मूल्य एवं उनके परिश्रम का मूल्य सरकार द्वारा तय किया जाता है. आपको बता दें कि जिस मूल्य में फसलों को मंडियों में बेचा जाता हैं वहीँ उसकी न्यूनतम बिक्री कीमत होती हैं. और कुछ विशेष फसलों के लिए किसानों के लिए उनके परिश्रम मूल्य भी तय किये जाते हैं.
  • शामिल होने वाली फसलें :- इस योजना में शामिल होने वाली फसलें सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एवं तुअर दाल आदि हैं. ये सभी खरीफ की फसलें हैं. इनमें से किसी भी फसल के लिए किसान लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं.
  • किसानों को लाभ :- यदि ऐसा होता है कि किसानों को उनके द्वारा बेची जाने वाली फसलों के लिए उन्हें न्यूनतम बिक्री मूल्य से कम मूल्य प्राप्त होता हैं, तो उसके बीच के अंतर तो सरकार द्वारा भरा जा रहा है. अतः इससे किसनों को किसी भी प्रकार के घाटे का सामना नहीं करना पड़ेगा.
  • किसानों को सहायता :- सरकार द्वारा दी जा रही इस वित्तीय सहायता से किसान अपने ऋण को जमा कर सकते हैं, और साथ ही उचित मौसम में फसलों की बुआई भी आसानी से कर सकते हैं.
  • वित्तीय सहायता :- इस योजना में लाभार्थी को फसलों के नुकसान के लिए मिलने वाली राशि उनके बैंक खाते में जमा की जा रही है.
  • अन्य सुविधाएँ :- इस योजना में वित्तीय सहायता के अलावा कुछ सुविधाएँ भी सरकार द्वारा दी जा रही हैं जैसे किसानों के विस्थापित होने, उनकी जमीन की सीमा एवं इसी तरह के कुछ मामलों को 3 महीने के अंदर ही सुलझा दिया जायेगा, और यदि यह लंबित होता है तो किसनों को इसके लिए इनाम दिया जायेगा. और यह इनाम की राशि को संबंधित अधिकारीयों द्वारा वसूला जायेगा और उन पर कार्यवाही भी की जाएगी.

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मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में आवश्यक पात्रता (Eligibility Criteria)

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कोई भी पात्रता मापदंड निर्धारित नहीं किया गया हैं. इसके लिए बस इनता आवश्यक है कि मध्यप्रदेश राज्य के’ किसी भी किसान को इसका लाभ प्राप्त हो सकता है. अतः सभी किसान इसके लिए पात्र हैं.

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • आधार कार्ड :- इस योजना का लाभ लेने के लिए जब किसान आवेदन करने के लिए जायेंगे, तो उस दौरान उन्हें अपने आधार कार्ड की कॉपी की आवश्यकता पड़ेगी. इसके बिना वे आवेदन करने में असमर्थ होंगे.
  • समग्र आईडी :- एक अन्य दस्तावेज जो सबसे ज्यादा जरूरी हैं वह है समग्र आईडी. जी हां इस योजना का लाभ लेने के लिए समग्र आईडी की भी आवश्यकता पड़ती है. इसलिए उन्हें अपने पास यह भी रखना होगा. क्योंकि यदि किन्ही कारणों से उनके आधार कार्ड द्वारा आवेदन नहीं हो पाता है तो वे समग्र आईडी का उपयोग कर सकते हैं.
  • बैंक की पासबुक :- इस योजना में फसलों के नुकसान की जो भरपाई राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी, वह किसानों के बैंक खाते में ही स्थानांतरित की जाएगी इसलिए लाभार्थी को अपने बैंक की जानकारी के लिए पासबुक साथ में रखना होगा.
  • रजिस्ट्रेशन स्लिप :- एक बार जब आपका आवेदन हो जाता हैं, तो आपको संबंधित अधिकारी द्वारा एक स्लिप दी जाती हैं जोकि रजिस्ट्रेशन स्लिप होती है. इसका उपयोग आप खरीदारी के दौरान कर सकते हैं. इसलिए इसे भी आप अपने पास संभाल कर रखें.
  • मोबाइल नंबर :- इसके अलावा पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर भी दर्ज करने की आवश्यकता होती हैं.

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मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Application Process)

  1. सर्वप्रथम आपको राज्य के कृषि विभाग की एमपी ई उपार्जन अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा.

  2. वेबसाइट के होम पेज में पहुँच जाने के बाद आपको इसमें खुद को रजिस्टर करना होगा, रजिस्टर करने के लिए आप अपने समग्र आईडी या फिर अपने आधार कार्ड नंबर का सहारा ले सकते हैं.

  3. इसके बाद आपको आपसे संबंधित कुछ जानकारी देने के लिये कहा जायेगा. आप उसमे सभी जानकारी को सही से भर कर रजिस्ट्रेशन बटन पर क्लिक कर दीजिये. इससे आपका इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा हो जायेगा.

यदि आप अपनी समग्र आईडी नहीं जानते हैं तो इसके लिए निम्न चरणों को अपनाएं –

  • सबसे पहले आप संबंधित विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करिये.
  • वेबसाइट में पहुँचने के बाद आपके सामने कुछ विकल्प होंगे, उनमें से यदि आपका नंबर आपकी समग्र आईडी में रजिस्टर है तो आपको उसके लिए एक लिंक दिखाई देगी आपको उस पर क्लिक करना है.
  • इसके बाद आपसे समग्र आईडी से संबंधित कुछ जानकारी मांगी जाएगी. जिसे आपको सही से भर कर अंत में ‘देखें’ बटन पर क्लिक करना होगा.
  • अंत में आपकी समग्र आईडी एवं उसमें जुड़े आपके परिवार के सदस्यों की सभी जानकारी आपकी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी.

इस तरह से आप इस योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर फसल के नुकसान के समय सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ को प्राप्त कर सकते हैं.

FAQ

मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री भावंतर भुगतान योजना क्या है ?

मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री भावंतर भुगतान योजना किसानों के लिए शुरू की गई योजना है. जिसमें किसानों को उनकी फसल के लिए न्यूनतम समर्थित मूल्य से कम मूल्य प्राप्त होता हैं, तो सरकार द्वारा उन्हें मंडी के भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई की जाती है.

भावंतर भुगतान योजना में रजिस्ट्रेशन किस तरह कर सकते हैं ?

भावंतर भुगतान योजना में रजिस्ट्रेशन करने के लिए लाभार्थियों को ई – उपार्जन पोर्टल पर जाना होता है. इस पोर्टल में जाने के बाद उन्हें इसमें रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में पता चल जायेगा.

भावंतर भुगतान योजना के लिए कौन – कौन से दस्तावेज जरुरी है ?

भावंतर भुगतान योजना में रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको आपके आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी के लिए पासबुक एवं रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद रजिस्ट्रेशन स्लिप आदि की आवश्यकता होती हैं. रजिस्ट्रेशन स्लिप का उपयोग फसल की खरीद के समय किया जाता है.

भावंतर भुगतान योजना में मिलने वाली राशि समय पर प्राप्त नहीं होने पर किसान क्या करें ?

इस योजना के ड्राफ्ट में यह कहा गया है कि यदि इस योजना से संबंधित भुगतान में 3 महीने से ज्यादा का समय लगता है. तो किसानों को इसके लिए इनाम दिया जायेगा और यह संबंधित अधिकारियों से वसूला जायेगा.

भावंतर भुगतान योजना के तहत भुगतान लाभार्थियों के बैंक खाते में कर दिया गया हैं यह उन्हें कैसे पता चलेगा ?

एसएमएस के माध्यम से लाभार्थियों के मोबाइल फोन में ही उनके बैंक खाते में भुगतान किये जाने का मैसेज पहुँच जायेगा.

भावंतर भुगतान योजना में राज्य सरकार द्वारा किन – किन फसलों को शामिल किया गया है ?

भावंतर भुगतान योजना में राज्य सरकार द्वारा खरीफ की 8 फसलों जैसे सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द और तुअर दाल आदि को शामिल किया गया है. हालांकि बाद में इसमें लहसुन को भी शामिल किया गया है.

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