भारत फिर बना चीन के आखों की किरकिरी, UAE ने लिया चीन के बजाए भारत में निवेश करने का फैसला

Join whatsapp group Join Now
Join Telegram group Join Now

भारत फिर बना चीन के आखों की किरकिरी, UAE ने लिया चीन के बजाए भारत में निवेश करने का फैसला

चीन के लिए दुखद खबर है कि उसकी इकॉनमी में गिरावट हो रही है। यह गिरावट कोविड के कारण हुई है और इसके साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर में हुई समस्याओं की वजह से और भी बढ़ गई है। चीन की कई कंपनियां दिवालिया हो रही हैं और यह इसकी इकॉनमी को मजबूत करने के लिए विदेशी निवेश की तलाश में है। लेकिन इस दौरान, चीन को भारत से एक और बड़ा झटका मिला है।

भारत फिर बना चीन के आखों की किरकिरी, UAE ने लिया चीन के बजाए भारत में निवेश करने का फैसला
भारत फिर बना चीन के आखों की किरकिरी, UAE ने लिया चीन के बजाए भारत में निवेश करने का फैसला

Visa News: इकॉनमी बढ़ाने के लिए थाईलैंड सरकार ने फैसला किया कि भारतीय बिना वीज़ा थाईलैंड जा सकते हैं.

यूएई, जिसे संयुक्त अरब अमीरात सरकार के रूप में जाना जाता है, ने भारत में 50 बिलियन डॉलर (यानी 4 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की बात कही है। इस निवेश की आहट ने चीन की खलबली को बढ़ा दिया है। चीन, जो अपनी इकॉनमी को मजबूत करने के लिए विदेशी निवेश की आवश्यकता महसूस कर रहा है, अब भारत के बड़े निवेश के सामने है।

यूएई के इस निवेश का उद्घाटन होने की चर्चा है, जो अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले हो सकता है। यह निवेश चीन को एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करता है, क्योंकि इससे भारत की इकॉनमी को नया उत्थान मिलेगा।

यूएई और भारत के बीच के रिश्ते बढ़ रहे हैं और इस निवेश के साथ ही इस दोनों देश के बीच कारोबारी रिश्ते भी मजबूत हो रहे हैं। यूएई में भारतीयों की संख्या भी बढ़ रही है और यह दिखाता है कि दोनों देश आपस में जुड़ रहे हैं।

Canada-India News: भारत-कनाडा विवाद के बीच आये अमेरिका और ब्रिटेन

इस निवेश से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ा फायदा होगा और इससे भारत की इकॉनमी में मजबूती आएगी। इस निवेश के साथ ही भारत अपने विभिन्न सेक्टरों में और अधिक सुधार कर सकेगा और अपनी इकॉनमी को और मजबूत बना सकेगा।

ATM News: आपके भी ATM से कटे-फटे नोट निलते हैं? तो ये नियम जान लें तुरंत मिलेंगे नये कड़क नोट

इसके बावजूद, चीन को इस निवेश से कई तरह की चिंताएं हो रही हैं। चीन की इकॉनमी को तेजी से गिरावट का सामना करना पड़ रहा है और विदेशी कंपनियां भी चीन से अलग हो रही हैं। यह चीन के लिए मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसका संकेत है कि भारत की तेज रफ्तार इकॉनमी को दुनियाभर के देश और निवेशक भी पहचान रहे हैं और उसका साथ दे रहे हैं।

Bank Loan: अब लोन मिलने की समस्या हुई खत्म, कम दस्तावेजों पर ले सकते हैं 20 लाख का लोन, जानिए क्या है ऑफर

भारत और यूएई के बीच के संबंध और मजबूत हो रहे हैं और इस निवेश से दोनों देशों को फायदा होगा। यह निवेश चीन को कड़ी मिर्ची लगा रहा है, लेकिन भारत के लिए एक नई दिशा का सूचक है और उसकी इकॉनमी को और मजबूत बनाने का माध्यम है।

इस तरह से, यूएई के निवेश के साथ ही भारत की इकॉनमी में नया उत्थान होने की संकेत मिल रहे हैं और चीन को चुनौती देने का मौका मिल रहा है। भारत अपने अच्छे दिनों की ओर अग्रसर है और एशिया में एक महत्वपूर्ण इकोनॉमिक खिलाड़ी बन रहा है। चीन के लिए यह एक सख्त चुनौती हो सकती है, लेकिन भारत के लिए एक नया आरंभ की शुरुआत है।

होम पेज़यहाँ क्लिक करें

अन्य पढ़ें –

Join whatsapp group Join Now
Join Telegram group Join Now